आप आए जनाब बरसों मे,
हमने पी है शराब बरसों मे,
फिर से दिल की कली खिली अपनी,
फिर से देखा शबाब बरसों मे,
तुम कहाँ थे कहाँ रहे साहिब,
आज होगा हिसाब बरसों मे,
पहले नादाँ थे अब हुए दाना,
उनको आया आदाब बरसों मे,
इसी उम्मीद पे में जिंदा हूँ,
क्या वो देंगे जवाब बरसों मे,